
सुनहरा आंचल कैथल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कैथल में अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने पर पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, उनमें नगर परिषद कैथल के एक्सईएन, नगर पालिका पूंडरी और सीवन के सचिव, ढांड मार्केट कमेटी सचिव, और नगर पालिका पूंडरी के म्यूनिसिपल इंजीनियर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया के बाद 864, 211 और 191 दिन बीतने के बावजूद विकास कार्यों को शुरू नहीं कराया, जो घोर लापरवाही है। इसके अतिरिक्त, ढांड मार्केट कमेटी सचिव पर एक शिकायतकर्ता की लगातार अनदेखी करने के आरोप में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जो अपनी फरियाद लेकर स्वयं चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचा था। लापरवाही और लंबित कार्यों पर नाराजगी: मुख्यमंत्री ने डीसी को निर्देश दिए कि सभी विभागों द्वारा जारी टेंडरों और उनके स्टेटस की रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही सड़क मुरम्मत और निर्माण की भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। बैठक में उन्होंने गांव जाखौली की सड़क पर तालाब के पानी की समस्या, फरल पीएचसी निर्माण में देरी, गुहला में माइनर मरम्मत, करोड़ा गांव की सड़क, ढांड गुरु रविदास धर्मशाला रोड, चंदाना गेट और कलायत बस अड्डे के शौचालय, करोड़ा से रमाना रोड, ग्योंग ड्रेन कवरिंग, राजौंद महिला कॉलेज भवन, और महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य जैसे मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब मांगे।
जनता के प्रति जवाबदेह बनें अधिकारी: मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनें। छोटे-छोटे कार्यों को समय रहते पूरा कर, जनता की बड़ी समस्याओं का हल किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही से कोई व्यक्ति चंडीगढ़ तक शिकायत लेकर आता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब एक नई व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसके तहत थानों को जनसंख्या के आधार पर एसएचओ का स्कोरिंग सिस्टम दिया जाएगा, जिससे पुलिसिंग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
खराब सड़कों की तस्वीरें देख अधिकारियों से जवाब-तलब
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिले की कई खस्ताहाल सड़कों की तस्वीरें दिखाकर संबंधित विभागों के अधिकारियों से एक-एक कर जवाब लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड और स्थानीय निकाय के अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने दफ्तरों से बाहर निकलकर स्वयं सड़कों का निरीक्षण करें, जहां गड्ढे दिखें उन्हें तुरंत भरवाएं। यदि किसी गड्ढे की शिकायत आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाई जाए और बीच में गुजर रही ड्रेन का सुंदरीकरण कर उसके ऊपर रास्ता बनाया जाए।
