राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (आरआईएमसी) प्रवेश परीक्षा पंचकूला में निष्पक्ष, सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न

प्रवेश परीक्षा में हरियाणा के 221 अभ्यर्थी हुए शामिल

1922 से नेतृत्व निर्माण का केंद्र रहा राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय

11 से 18 वर्ष के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलती है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

सुनहरा आंचल न्यूज/पंचकूला रंजनाशुक्ला : जनवरी 2027 से प्रारंभ होने वाले सत्र के लिए राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय (आरआईएमसी), देहरादून की प्रवेश परीक्षा का आयोजन रविवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सेक्टर-14, पंचकूला में निष्पक्ष, सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से किया गया। इस परीक्षा में हरियाणा राज्य के 221 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग, हरियाणा के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय, देहरादून की स्थापना वर्ष 1922 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय बालकों एवं बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे भारतीय सशस्त्र बलों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो सकें।

प्रवक्ता ने बताया कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय, देहरादून नेतृत्व विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है जहां राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला, अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून जैसी प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हुई है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय, देहरादून में 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बालक एवं बालिकाओं को सार्वजनिक विद्यालय स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है। इनका चयन विशेष रूप से अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाता है।

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