
सुनहरा आंचल/पंचकूला रंजनाशुक्ला :
हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुधा भारद्वाज ने बढ़ती महंगाई, रसोई गैस और ईंधन की लगातार बढ़ रही कीमतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि महंगाई का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और गृहिणियों पर पड़ रहा है। घर का बजट संभालने वाली महिलाओं के लिए आज रसोई चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। हाल ही में गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम परिवारों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा दिया है। रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों ने घरेलू बजट का पूरा संतुलन बिगाड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि महंगाई की मार का सबसे अधिक बोझ महिलाओं को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि सीमित आय में परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर होती है। आज स्थिति यह है कि रसोई का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि आम लोगों की आय में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है।
सुधा भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह विफल रही है। डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिसके कारण आवश्यक वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव आम परिवारों के जीवन स्तर पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई ने घर-परिवार का आर्थिक संतुलन बिगाड़ दिया है और महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। सरकार को चाहिए कि वह रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल तथा आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम जनता, विशेषकर महिलाओं को राहत मिल सके।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि जनता को राहत देने के बजाय लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ाया है। यदि समय रहते महंगाई पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इसका असर देश के करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर और अधिक गंभीर रूप से पड़ेगा।
