
गांव रामगढ़ पंडवा में जर्जर सड़क पर जमा गंदा पानी
एक्सियन के गैर-जिम्मेदाराना बयान से भड़का जन-आक्रोश
सुनहरा आंचल न्यूज
कलायत(तरसेम सिंह) कलायत से करीब आधा दर्जन गांवों को कैथल-जींद मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पिछले पांच वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। रामगढ़ पांडव गांव के समीप जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण यह मुख्य रास्ता अब एक गंदे तालाब (जोहड़) का रूप ले चुका है। स्थानीय निवासियों तरसेम, रवि विक्रम, सुनील और राममेहर का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व यहां केवल कागजी खानापूर्ति की गई थी, जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर घुटनों तक जमा गंदे पानी और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर और वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। सबसे बदतर स्थिति समीप स्थित दसवीं कक्षा के सरकारी स्कूल के बच्चों की है, जिन्हें प्रतिदिन इसी बदबूदार पानी के बीच से मजबूरन गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी ही नारकीय स्थिति नजदीकी गांव चौशाला और बालू में भी बनी हुई है, जिससे आम जनता को भारी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। अधिकारी का अड़ियल रवैया: ‘शनिवार को छुट्टी पर हूँ, जवाब देने के लिए बाध्य नहीं’ इस गंभीर जनसमस्या को लेकर जब संबंधित लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सियन) राजकुमार नैन से संपर्क किया गया, तो उनका रवैया बेहद उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना रहा। उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जल निकासी की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय ग्राम पंचायत पर डाल दी। अधिकारी का तर्क था कि बरसात के मौसम में तारकोल की पकड़ कमजोर होती है, इसलिए मानसून बीतने के बाद ही सड़क मरम्मत का कार्य संभव हो सकेगा। हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने फोन पर समस्या का तात्कालिक समाधान जानना चाहा, तो अधिकारी ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि शनिवार को उनका अवकाश है और वे किसी को भी जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं। अधिकारी के इस अड़ियल रुख ने जलभराव की मार झेल रहे ग्रामीणों के गुस्से में घी डालने का काम किया है।
मुख्यमंत्री और डीसी से गुहार, लापरवाह एक्सियन पर सख्त कार्रवाई की मांग
विभागीय अधिकारियों की इस अनदेखी और टालमटोल की नीति से तंग आकर अब ग्रामीणों का धैर्य पूरी तरह से जवाब दे गया है। स्थानीय वासियों ने इस दुर्व्यवहार और लापरवाही के खिलाफ कार्यकारी अभियंता पर तुरंत कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कैथल की उपायुक्त (डीसी) अपराजिता से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा और क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यहां पानी की निकासी का कोई स्थाई प्रबंध किया जाए, क्षतिग्रस्त सड़क का नए सिरे से निर्माण हो और जनता को इस नारकीय जीवन से जल्द से जल्द मुक्ति दिलाई जाए।
