
पार्षद प्रदीप राणा की शिकायत ने पर एसडीएम अजय हुड्डा करेंगे गली निर्माण कार्य की जांच
सुनहरा आंचल न्यूज/कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत शहर में नेशनल हाईवे से खरक वाला दरवाजा तक लाखों रुपए की लागत से नव निर्मित गली पहली ही बारिश में पानी निकासी के नाले में तब्दील हो गई। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन के साथ लगती इस गली की स्थिति को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी बजट का दुुरुपयोग करते हुए नगर पालिका को वित्तीय नुकसान पहुुंचाने का आरोप लगाते हुए वार्ड 6 से पार्षद प्रदीप राणा ने एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया और धरातल पर हुए कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि गली का एक बड़ा हिस्सा कंकरीट से बनाया गया है। पहली ही बारिश में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह गली नाले जैसी दिखाई देने लगी। इसके अलावा कई स्थानों पर नई बनी गली टूटने लगी है। निर्माण सामग्री भी जगह-जगह बिखरी हुई दिखाई दे रही है। पार्षद प्रदीप राणा ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से किए गए विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित होना आवश्यक है। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
गली निर्माण की होगी जांच: एसडीएम
मुख्य गली निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अजय हुड्डा ने इस कार्य की जांच का निर्णय लिया है। एसडीएम ने बताया कि पार्षद द्वारा गली निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। इसके आधार पर नगर पालिका अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा। जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा। पार्षद प्रदीप राणा को भी जांच में शामिल किया जाएगा। कलायत शहर के सात पार्कों के रखरखाव से संबंधित टेंडर की जांच पिछले कुछ दिन पहले एडीसी ने पूरी की है। मामले के शिकायतकर्ता सुरेंद्र बैद्य ने इस जांच रिपोर्ट को डीसी कार्यालय में भेजा गया है। उन्होंने डीसी से जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने कहा कि पार्कों के टेंडर के नाम पर सिक्योरिटी एवं रखरखाव में गोलमाल सामने आ चुका है। इस मामले में त्वरित कार्यवाही की उम्मीद डीसी से है।
