कलायत क्षेत्र को मिलेगी सूखे व बाढ़ से राहत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इस योजना के स्वरूप में पर खर्च होगे खर्च होंगे 5 करोड़ का बजट


सरस्वती नदी के जुड़ी योजनाओं का दौरा करते सरस्वती बोर्ड वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच

सुनहरा आंचल न्यूज/कलायत(तरसेम सिंह)
देश की आजादी से पहले से लेकर अब तक सूखे व बाढ़ के चक्रव्यूह में फंसे कलायत क्षेत्र मेंं आस जगी है। प्राचीन कपिल मुनि सरोवर मेंं सरस्वती नदी को विकसित करने के लिए कुएं व घाट का निर्माण करते हुए जल संरक्षण योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड वाइस चेयरमैन धुम्मन सिंह किरमच नेे इस महत्वपूर्ण योजना के स्वरूप से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीन कपिल तीर्थ में करीब 20 वर्ष से सरस्वती जल धारा के फूटने का सिलसिला जारी है। इसको लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्ग दर्शन मेंं विकास योजना तैयार की गई है। इसे जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। इस प्रकार के तीर्थों को विकसित करते हुए हरियाणा प्रदेश को डार्क जोन से बाहर लाया जाएगा। एक योजना प्रदेश में जल के सही प्रबंधन का बड़ा आधार बनेगी। इसके माध्यम से जल को बचाकर सूखी धरती को रिचार्ज करते हुए डार्क जोन का बड़ा संकट खत्म किया जाएगा। इससे आमजन व किसानों के सामने से हमेशा-हमेशा के लिए पीने- खेती के सिंचाई पानी का संकट समाप्त होग । किरमच ने बताया कि वर्ष 2009 से जल संचय अभियान को लेकर नीर संस्था की स्थापना की गई। तब से लगातार यह संस्थान सरस्वती बोर्ड के साथ मिलकर कार्य कर रही है। अलग-अलग स्तरों पर किए गए गहन अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि हरी की भूमि की गोद मेंं जल तो है लेकिन जरूरत जल प्रबंधन की है। बरसात का पानी है उस पानी को सहेजने में सक्षम नहीं हैं। इस वजह से करोड़ों लीटर पानी बाढ़ के रूप में तबाही का ताड़व मचाता आ रहा है। इस संकट से बचाव का तरीका एक-एक बूंद को धरती में रिचार्ज करना है। सरस्वती बोर्ड से जुड़े अनगिनत वॉलंटियर्स, सरस्वती बोर्ड, सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के प्रयास से सरोवर सरस्वती नदी के किनारे रिचार्ज के सरोवर बनाए गए हैं। इसमें कैथल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, जींद, फतेहाबाद व सिरसा ओटू हेड शामिल हैं। इनके माध्यम से करोड़ों लीटर पानी रिचार्ज हुआ। सरस्वती (स्योंसर) जंगल प्रोजैक्ट में सतोडा का जीर्णोंद्धार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा इसके लिए 5 करोड़ का बजट पास किया गया है। इसके माध्यम से पिहोवा तीर्थ का स्वच्छ जल स्योंसर जंगल में पशु-पक्षियों के लिए लाया जाएगा। सरस्वती की शाखा सतोडा में भी पानी का प्रवाह किया जाएगा। जिससे जंगल में रिचाजिंग व पशु-पक्षियों के लिए बड़े-बड़े रिजर्वायर बनाए जा रहे हैं। इस स्थान पर टूरिजम एक्टीविटी व सेमी सफारी शुरू करने का काम भी जारी है। वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सरस्वती जंगल सरोवर सियोसर में भी 70 एकड़ में एक रिजर्वायर बनाया जा रहा है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री किया है। ताकि इस क्षेत्र के पशु पक्षियों को जल मिल सके और डार्क जोन ड्रोन खत्म हो।

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