
कलायत के गांव शिमला में जली स्कूटी के पास मौजूद ग्रामीण
सुनहरा आंचल न्यूज/कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत के गांव शिमला में अचानक एक ई-स्कूटी में आग के शोले धधक उठे। बचाव के प्रयास करने से पहले ही स्कूटी राख में तबदील हो गई। सुझबुझ से चालक मा.जोगेंद्र सिंह खुद की जान बचाने में सफल रहा। जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वे अपनी ई-स्कूटी पर कलायत से कुछ सामान लेकर अपने गांव आ रहे थे। गांव के पास पहुंचने पर अचानक ई-स्कूटी बंद हो गई। उन्होंने उसे वहीं स्टैंड पर लगाया और सामान लेकर घर चले गए। उनके कुछ दूर जाते ही अचानक स्कूटी में जोरदार धमाका हुआ। वह धूं-धूं करके जलने लगी। प्रत्यक्षदर्शी अशोक कुमार ने बताया की ई-स्कूटी में धमाके के साथ ही आग के शोले धधक उठे। जब तक लोगों ने आग बुझाने का प्रयास करते स्कूटी जल कर राख हो चुकी थी। घटना दोपहर के बाद करीब 3 बजे की है। जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में बड़ी संख्या में लोग ई-स्कूटी का प्रयोग करते हैं। ई-स्कूटी में आग लगने के कारणइलेक्ट्रिक व्हीकल विक्रेता अरुण ने बताया की ई-स्कूटी में आग लगने का सबसे मुख्य कारण उनकी लिथियम-आयन बैटरी में होने वाला थर्मल रन अवे है। जब बैटरी के अंदर अत्यधिक गर्मी पैदा होती है और तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है। तो यह स्थिति पैदा होती है। लगातार लंबी दूरी तक स्कूटी चलाने, खराब रास्तों पर तेज झटके लगने या बहुत ज्यादा गर्मी में स्कूटी पार्क करने से बैटरी का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो सकता है। इसके अलावा स्कूटी को ओवरचार्ज करना, पूरी रात चार्जिंग पर लगाए रखना, नॉन-स्टैंडर्ड या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करना और बिना अर्थिंग वाले सॉकेट से चार्ज करना इसके मुख्य जोखिम हैं। खराब होने या फेल होने पर बैटरी में शॉर्ट-सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। वायरिंग में कोई खराबी, ढीले जॉइंट्स या पानी चले जाने से शॉर्ट सर्किट हो सकता है। इससे जिससे बैटरी में आग लग सकती है। सबसे पहली बात जो ध्यान में रखनी चाहिए कि गाड़ी को बहुत अधिक गर्म ना होने दें। गर्मी के दिनों में उसे तेज धूप में देर तक ना छोड़ें। हमेशा अपनी ई-स्कूटी के साथ आए ओरिजनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
