जिले में अब तक कुल 82 हजार 340 शिकायतों में से 75 हजार 90 शिकायतों का हुआ समाधान
-डीसी अपराजिता ने की सीएम विंडो की शिकायतों की समीक्षा
सुनहरा आँचल न्यूज/ हरियाणा/ कैथल(तरसेम सिंह)
डीसी अपराजिता ने कहा कि सीएम विंडो पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का जल्द समाधान करवाएं। यदि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही करेगा तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला में अब तक 82 हजार 340 शिकायतें सीएम विंडो के माध्यम से प्राप्त हुई है, जिसमें 75 हजार 90 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। लंबित 7250 शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। डीसी अपराजिता शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में सीएम विंडों विषय पर संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थी। इससे पहले चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलेवार लंबित शिकायतों पर चर्चा कर समाधान के निर्देश दिए। कलायत के गांव बड़सीकरी खुर्द निवासी बलवान सिंह की मार्च 2024 में हुई ओलावृष्टि के कारण हुई फसल बर्बाद होने की शिकायत पर चर्चा की गई, जिस पर डीसी अपराजिता ने कहा कि आवेदक मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के अवलोकन के अंतर्गत अपनी फसल बेच चुका है और क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया। इस संबंध में एटीआर भेजने को कहा गया।
डीसी ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का समाधान पारदर्शी, प्रभावी और संतोषजनक तरीके से हो। जो शिकायतें अभी तक देखी भी नहीं गई हैं, उन्हें तुरंत ऑनलाइन स्वीकार कर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। साथ ही लंबित शिकायतों पर विशेष फोकस करते हुए उनका समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें। निवारण हो चुकी शिकायतों की रैंडम चेकिंग की जाएगी।
डीसी ने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो केवल एक ऑनलाइन पोर्टल नहीं, बल्कि जनता का सरकार पर विश्वास है। किसी भी शिकायत को बंद करने से पहले संबंधित शिकायतकर्ता से सीधे संवाद करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश समस्या का समाधान संभव नहीं है तो शिकायतकर्ता को स्पष्ट और संतोषजनक कारण बताया जाए। गुणवतापूर्वक एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड की जाए।
इस अवसर पर एडीसी डा. सुशील कुमार, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी गुरविंद्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

