महिला सम्मान के मुद्दों पर दोहरे मापदंड स्वीकार नहीं, रेनू भाटिया के बयान पर कड़ी आपत्ति : प्रो. (डॉ.) संतोष दहिया

न्यूज़ सुनहेरा ऑंचल/राजेश पाई
पूंडरी 09 जून 2026

एलएनजेपी अस्पताल में एक युवती के साथ हुए कथित दुष्कर्म के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस स्थान पर लोग उपचार और सुरक्षा की उम्मीद लेकर जाते हैं, वहीं ऐसी घटना सामने आती है। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए तथा संस्थागत जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

प्रो. (डॉ.) संतोष दहिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्वखाप महिला महापंचायत) ने इस मामले को लेकर महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया द्वारा दिए गए उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें कथित रूप से एक महिला कर्मचारी से कहा गया कि “क्या तुम्हारी लड़की को किसी गैर मर्द के साथ 15 मिनट अकेला छोड़ दूं” उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक अथवा जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में पीड़ित पक्ष को कटघरे में खड़ा करने वाली या उसे असहज करने वाली भाषा पूरी तरह अनुचित है।
डॉ. दहिया ने कहा कि महिला अधिकारों की लड़ाई किसी राजनीतिक दल, विचारधारा या संगठन से ऊपर होनी चाहिए। समाज यह अपेक्षा करता है कि महिला सुरक्षा से जुड़े पदों पर बैठे लोग हर मामले में समान संवेदनशीलता और निष्पक्षता दिखाएँ।
उन्होंने कहा कि देश ने महिलाओं से जुड़े अनेक चर्चित मामलों को देखा है। जब देश की नामी महिला पहलवानों ने यौन शोषण के आरोपों को लेकर आवाज उठाई, जब प्रज्वल रेवन्ना और अशोक खैरात प्रकरण देशभर में चर्चा का विषय बना, जब महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के अन्य मामले सामने आए, तब भी समाज को महिला अधिकारों के लिए मुखर और निरंतर आवाज की अपेक्षा थी। इसलिए आज यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठ रहा है कि क्या महिला सुरक्षा के मुद्दों पर एक समान और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। नहीं।चेहरे देख कर की टिप्पणी गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है इससे टीआरपी तो मिल सकती है लेकिन महिलाओं का भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला की पीड़ा को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि एक महिला आयोग की अध्यक्ष का बयान ही महिलाओं को असहज करने वाला लगे, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। महिला सुरक्षा के प्रश्न पर संवेदनशीलता, जवाबदेही और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रो. (डॉ.) संतोष दहिया ने मांग की कि एलएनजेपी अस्पताल प्रकरण की निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए तथा महिलाओं की सुरक्षा के लिए जवाबदेह संस्थाओं को अपनी भूमिका अधिक संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निभानी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!