एसडीएम ने कलायत में 42 लाख रुपए के बजट से नव निर्मित गली निर्माण की जांच के लिए कमेटी की गठित

सुनहरा आंचल न्यूज

कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत शहर के वार्ड नंबर 7 में नेशनल हाईवे से खरक वाला दरवाजा तक अनुमानित 42 लाख रुपए के बजट से नव निर्मित गली में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के आरोपों लिए प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इस कमेटी में सिंचाई विभाग एसडीओ, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कनिष्ठ अभियंता व नगर पालिका अभियंता को शामिल किया गया है। यह निर्णय एसडीएम अजय हुड्डा ने वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रदीप राणा की शिकायत पर बुधवार को सुनवाई करते हुए लिया। एसडीएम ने नगर पालिका अधिकारियों से निर्माण कार्य से संबंधित मेजरमेंट बुक (एमबी) का पूरा ब्यौरा मांगा। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित निर्माण कार्य की मेजरमेंट बुक की कार्यवाही को पूरा नहीं किया है। एसडीएम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बिना मेजरमेंट बुक के निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री, मात्रा और गुणवत्ता का सही आंकलन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही किसी निर्माण कार्य केे भुगतान देरी से होने जा रहा हो। लेकिन इसकी एमबी को समय पर भरना जरूरी है। एसडीएम अजय हुड्डा ने कहा कि सरकारी धन से किए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने नव निर्मित गली की वास्तविक स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता की धरातल पर जांच के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। जांच कमेटी टेंडर की शर्तों और निर्धारित मानकों के अनुरूप हुए कार्य का मूल्यांकन करेगी। सुनवाई के दौरान पार्षद प्रदीप राणा ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर की गई पूर्व जांच की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया गया। न ही किसी प्रकार का नोटिस भेजा गया। उन्होंने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में गंभीर चूक बताया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम ने नगर पालिका अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। पार्षद प्रदीप राणा ने कहा कि नेशनल हाईवे से रामगढ़ मोड से खरक वाला दरवाजा तक लाखों रुपए की लागत से नव निर्मित गली का निर्माण कार्य लोकार्पण से पहले ही जिस प्रकार जांच के घेरे में आई है वह गोलमाल का प्रमाण है। गली के जगह-जगह से टूटने व प्रयुक्त निर्माण सामग्री का बिखरना गड़बड़ी की मुंह बोलती कहानी है। एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया और धरातल पर कार्य कहीं मेल नहीं खा रहा। गली का एक बड़ा हिस्सा कंकरीट से बनाया गया है। पहली ही बारिश में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह गली नाले जैसी दिखाई देने लगी। जबकि जो भाग ब्लाक्स से बनाया गया है वह भी लचर है।
शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी जांच कमेटी: एसडीएम
एसडीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की निर्माण एवं विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ताकि यदि कहीं ग

ड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

कलायत वार्ड 7 में नव निर्मित गली की बदहाल स्थिति

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