कलायत क्षेत्र में बरसात के साथ आए तूफान ने मचाई तबाही

न्यूज़ सुनहरा आंचल/कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत क्षेत्र में बरसात के साथ आए तेज तूफान ने सडक़ों, बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, कृषि क्षेत्र और बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया।अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, दुकानों के छप्पर उड़ गए और घरों पर बिजली के पोल व तार गिरने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। तूफान के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सोलर पैनल यूनिटें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें टूट गईं और वाहन भी दुर्घटनाओं का शिकार हुए। बाजारों में लगने वाली रेहड़ी-फड़ी संचालकों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। तेज हवाओं के चलते दुकानों के बाहर लगाए गए अस्थायी ढांचे पूरी तहस-नहस हो गए। सबसे अधिक नुकसान बिजली निगम को हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 300 बिजली के पोल टूट गए या जमीन से उखड़ गए। इसके अलावा 30 से अधिक बिजली ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस व्यापक नुकसान के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति करीब 24 घंटे तक पूरी तरह बाधित रही। बिजली गुल होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और व्यापारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली निगम के एसडीओ जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में विभागीय टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी रहीं। कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर क्षतिग्रस्त लाइनों, पोलों और ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया। विभाग द्वारा शहरी, ग्रामीण व कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने की रणनीति बनाई गई है। सिंचाई विभाग एसडीओ अखिल कौशिक ने बताया कि तूफान का असर सिंचाई संसाधनों पर भी देखने को मिला। सिरसा ब्रांच नहर सहित विभिन्न जल स्रोतों में कई पेड़ गिर गए। जिससे आवागमन और रखरखाव कार्य प्रभावित हुए। विभाग की टीम व्यवस्था को सुचारु बनाने में लगी है। स्थिति की पूरी रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों को भेजी गई है। इसी तरह वन संपदा को भी बड़ा नुकसान हुआ है।
काटन मिल संचालकोंं को नुकसान: नेशनल हाईवे पर स्थित गांव पिंजूपुरा में एक कॉटन मिल को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मिल परिसर में स्थापित 400 किलोवाट क्षमता की सोलर यूनिट पूरी तरह तहस-नहस हो गई। तेज हवाओं के कारण यूनिट का शेड टूटकर दूर-दूर तक खेतों में जा गिरा। कॉटन मिल संचालक प्रहलाद सिंह ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से उनकी इकाई को लगभग 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सोलर यूनिट के साथ-साथ अन्य संरचनाओं को भी गंभीर क्षति पहुंची है। जिससे उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ है।
प्राथमिकता के आधार पर बिजली बहाली का कार्य जारी: जितेंद्र सिंह
बिजली निगम के एसडीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य जारी है। विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। प्राथमिकता के आधार पर सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। उन्होंने चित्र के लोगों से व्यवस्था बहाली में सहयोग की अपील की।

शिमला गांव मेें आंगनबाड़ी केंद्र भवन पर गिरा वृक्ष

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