न्यूज़ सुनहेरा ऑंचल/कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत मलेरिया बीमारी के कदमों को रोकने के लिए कलायत का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। इसके तहत एसएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश कुमार की अगुवाई मेंं अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति सजग किया जा रहा है। पानी की टंकियोंं व पानी ठहरने के स्थानोंं की जांच की जा रही है। नागरिकों की स्वास्थ्य जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफ्लिज नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर आमतौर पर रात्रि के समय काटता है। यह मादा मच्छर एक मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को काटने के उपरांत जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को शिकार बनता है तो उसे भी मलेरिया हो सकता है। मलेरिया बुखार के लक्षणों में सर्दी के साथ बहुत तेज बुखार होना, सिर व शरीर में बहुत ज्यादा दर्द होना, जी मितलाना उल्टी आना, बहुत अधिक गर्मी लगना और दस्त लगना जैसे प्रमुख हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मलेरिया से बचाव के लिए तथा मच्छरों की पैदावार रोकने के लिए अनेक सरल तरीके बताए जा रहे हैं। जिनमें अपने घर के आसपास पानी जमा न होने देने, पानी से भरे गढ़ों में मिट्टी भरने, घर में रखी हुई छत पर टंकी को ढककर रखने, खड़े पानी में मच्छर पैदा होने से रोकने के लिए तेल इत्यादि डालने, कूलर को सप्ताह में एक बार खाली करके सुखाकर ही पुन: प्रयोग करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। मलेरिया व मच्छर जनित बीमारियों से बचने के लिए सभी को खासकर गर्भवती महिला और बच्चों को कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। कीटनाशक से उपचारित मच्छरदानी या मच्छर नाशक क्रीम के इस्तेमाल के बिना घर से बाहर न जाए। घर के दरवाजे व खिड़कियों पर उपयुक्त जाली का इस्तेमाल करें। निश्चित करें कि छिडक़ाव के समय घर के सभी कमरों में छिडक़ाव हो। कम से कम 3 महीनों तक लिपाई, सफेदी एवं रंग-रोगन न करें। बुखार होने पर तुरंत अपने नजदीक की उपचार केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खून की जांच कराएं। मलेरिया पाए जाने पर पूर्ण उपचार कराएं।

फोटो परिचय : कलायत क्षेत्र में मलेरिया की रोकथमा के लिए सक्रिय स्वास्थ्य विभाग की टीम
