सुनहरा आंचल न्यूज : कलायत(तरसेम सिंह)
कलायत नगर पालिका कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों को पूरा करवाने केे लिए रणनीति तैयार करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके तहत सरकार द्वारा स्वीकृत मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने हरियाणा में आंदोलन की चेतावनी दी है। मांगों को लेकर नगरपालिका कर्मचारी संघ द्वारा मई माह में दो सप्ताह तक हड़ताल की थी। कर्मचारी नेताओंं का कहना है कि उपरांत 17 मांगों पर सहमति बनी थी। इन मांगों को सरकार ने 30 जून तक लागू करवाने का आश्वासन दिया था। नगरपालिका एसोसिएशन प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि सरकार ने अभी तक मानी गई मांगों में से कुछ के पत्र जारी किए हैं। नगरपालिका में इन पत्रों पर कार्यवाही लंबित है। जिसके चलते कर्मचारियों में नाराजगी एवं अविश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित 30 जून तक मांगों को लागू नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में नगरपालिका कर्मचारी संगठन फिर से हड़ताल पर चला जाएगा। उन्होंने बताया की मांगी गई मांगों में से सरकार ने अभी तक पांच मांगों के पत्र जारी किए हैं। इसमें स्वच्छता के आधार पर रैंकिंग के अनुसार सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दिए जाने, बेगार प्रथा बंद करने, छंटनी किए गए कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापिस लेने, 1 से 14 मई तक की राज्यव्यापी हड़ताल अवधि का वेतन देने बारे और सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों को पक्का करने के लिए निचले स्तर से रिपोर्ट मंगवाने की मांगें शामिल हैं। कर्मचारी नेता नवीन, सोमदत्त, सचिन, संदीप, संजय, बीरो देवी, मनपति, बिमला देवी व अन्य ने कहा कि सरकार निर्धारित 30 जून तक बाकी मांगों के भी पत्र जारी करे। इन पर कार्यवाही के लिए नगरपालिका, परिषदों व निगमों को आदेश दे। वरना कर्मी आंदोलन के लिए विवश हैं।

कलायत नगर पालिका सचिव के नाम कर्मचारी सुमित कुमार को मांग पत्र सौंपते कर्मी
शहर के सात पार्कों के कर्मियों के लिए वेतन के लिए सीएम से मासूम बच्चों ने की मार्मिक अपील:
कलायत नगर पालिका के अधीन आने वाल सात पार्कों के रखरखाव कार्य से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने शहर के विभिन्न पार्कों में कामकाज पूरी तरह बंद रखकर नगर पालिका कार्यालय परिसर में धरना दिया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सभी 9 कर्मियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। कुछ अधिकारी व एजेंसी के लोग बकाया वेतन की मांग न करने का दबाव बना रहे हैं। उन्हें बार-बार यह धमकी दी जा रही है कि यदि हड़ताल को समाप्त नहंी किया तो उनके खिलाफ कार्यवाही करेंगे। कर्मियों ने कहा कि घर मेंं बच्चे रोटी व जरूरत के सामान से वंचित है। इसके बावजूद भी अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से नहंी लिया जा रहा। परिणामस्वरूप मासूम बच्चों ने उनकी समस्याओं के हल के लिए सीएम नायब सिंह सैनी से मार्मिक अपील करते हुए वेतन सहित तमाम सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।
