दो दिन की बारिश से सजग हुआ स्वास्थ विभाग स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस और एंटी-लारवा अभियान कर दिया तेज ।

सुनहरा आँचल न्यूज/ हरियाणा/ कैथल/ विजय सिरोही : जिले में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा होने वाला पानी डेंगू फैलाने वाले मच्छर के प्रजनन के लिए अनुकूल माना जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस और एंटी-लारवा अभियान तेज कर दिया है।

जिले में अब तक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई भी नया केस नहीं मिला है। इस साल अब तक 514 डेंगू के सैंपलों की जांच की जा चुकी है और सभी नेगेटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने वीरवार को जिले में 9 हजार 814 घरों और 18 हजार 410 पानी के कंटेनरों की जांच की। इस दौरान 28 स्थानों पर डेंगू के मच्छर का लारवा मिला। लारवा मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ चालान और नोटिस जारी किए गए। विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में अब तक 978 चालान और नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई उन स्थानों पर की गई, जहां निरीक्षण के दौरान लारवा मिला।

नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने लोगों से अपील की है कि बारिश के बाद घरों की छत, कूलर, गमलों, टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। सप्ताह में एक दिन कूलर और पानी की टंकियां खाली कर साफ करें और आसपास सफाई रखें, ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश, नमी और तापमान में बदलाव के कारण इस मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए सतर्कता सबसे प्रभावी बचाव है।

डेंगू का प्रकोप मानसून और उसके बाद के महीनों में सबसे ज्यादा होता है। इससे जुड़ी प्रमुख बातें और ताज़ा अपडेट यहाँ दिए गए हैं:

  • मच्छर की पहचान: डेंगू फैलाने वाला मच्छर ‘एडीज इजिप्टी’ होता है। इसके शरीर पर सफेद धारियां होती हैं, इसलिए इसे ‘टाइगर मॉस्किटो’ भी कहा जाता है।
  • काटने का समय: यह मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय (विशेषकर सुबह और शाम) काटता है।
  • साफ पानी में पनपना: यह मच्छर गंदे पानी में नहीं, बल्कि कूलर, गमलों, टायरों और घर के आसपास जमा हुए साफ पानी में पनपता है
  • लक्षण: संक्रमित होने के 3 से 14 दिन बाद तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देते हैं。
  • बचाव के उपाय: घर या कार्यस्थल के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, और सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • सरकारी एडवाइजरी: स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW) ने नागरिकों से स्वच्छता अपनाने और एडीज मच्छर को पनपने से रोकने की अपील की है।

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